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भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपने वैश्विक हैकथॉन के चौथे संस्करण – HARBINGER के परिणामों की घोषणा की
अप्रैल 20, 2026
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20 अप्रैल 2026

भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपने वैश्विक हैकथॉन के चौथे संस्करण – HARBINGER
के परिणामों की घोषणा की

HaRBInger_2025

भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपने वैश्विक हैकथॉन के चौथे संस्करण- "HARBINGER - परिवर्तन के लिए नवोन्मेष" की शुरुआत की थी, जिसका विषय “सुरक्षित बैंकिंग: पहचान, सत्यनिष्ठा और समावेशिता द्वारा संचालित” था, जिसमें तीन समस्या विवरण शामिल थे (प्रेस प्रकाशनी दिनांकित 23 अक्तूबर 2025)।

2. इस हैकाथॉन को तीन समस्या विवरणों के तहत 496 प्रस्ताव प्राप्त हुए। इनमें 15 देशों, जिनके नाम हैं: ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, ब्राज़ील, कनाडा, हांगकांग, इज़राइल, इटली, लक्ज़मबर्ग, मोरक्को, सिंगापुर, स्वीडन, ताइवान, यूएई, युनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका, के 34 प्रस्ताव शामिल थे। यह हैकाथॉन तीन चरणों में आयोजित किया गया था। पहले चरण में 49 प्रविष्टियों को शॉर्टलिस्ट किया गया, जिन्हें सॉल्यूशन डेवलपमेंट चरण के लिए और कम करके 21 कर दिया गया, इनमें से 8 प्रविष्टियाँ टोकेनाइज्ड केवाईसी के लिए, 7 ऑफलाइन सीबीडीसी के लिए और 6 विश्वास संवर्धन के लिए थीं। सॉल्यूशन डेवलपमेंट चरण आठ सप्ताहों का था, जिसके दौरान शॉर्टलिस्ट की गई टीमों ने बाह्य मेंटर्स के मार्गदर्शन में एक प्रोटोटाइप या अवधारणा का सबूत (प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट ) बनाने पर काम किया। सभी 21 शॉर्टलिस्ट की गई टीमों को सॉल्यूशन डेवलपमेंट के खर्चों के वहन हेतु पाँच लाख रुपये का अनुदान दिया जा रहा है।

3. अंतिम मूल्यांकन और विजेताओं के चयन का तीसरा चरण 17-18 अप्रैल 2026 को बेंगलुरु में आयोजित किया गया था। 21 फाइनलिस्टों ने एक स्वतंत्र जूरी के सामने अपने सॉल्यूशन्स प्रस्तुत किए, जिसने नवाचार, सॉल्यूशन्स की व्यापकता, उत्पाद की तैयारी, विस्तार क्षमता और सुरक्षा जैसे कई मापदंडों के आधार पर विजेताओं का चयन किया। विजेताओं की घोषणा 18 अप्रैल 2026 को बेंगलुरु में आयोजित समापन समारोह के दौरान की गई, जिसमें सरकारी अधिकारी, वरिष्ठ बैंकर, वित्तीय क्षेत्र के अग्रणी विचारक, शिक्षाविद और फिनटेक पारितंत्र के संस्थापक/सीईओ शामिल हुए। उप गवर्नर श्री टी. रबी शंकर ने विजेताओं को सम्मानित किया।

4. HaRBInger के चौथे संस्करण के परिणाम निम्नानुसार हैं:

क्र. सं. समस्या विवरण विजेता सॉल्यूशन्स विवरण
  टोकेनाइज्ड केवाईसी विजेता अर्थआईडी टेक्नोलॉजी लिमिटेड, यूके 'संग्रह' एक दुबारा इस्तेमाल योग्य, गोपनीयता बनाए रखने वाला टोकनाइज़्ड केवाईसी लेयर है। यह सत्यापित केवाईसी जानकारी को भरोसेमंद स्त्रोत से सुरक्षित रूप से प्राप्त करने और उन्हें छेड़छाड़-मुक्त डिजिटल टोकन में बदलने में मदद करता है, जिन्हें यूज़र द्वारा नियंत्रित वॉलेट में सुरक्षित रखा जाता है। यह स्त्रोत-सत्यापित टोकन, यूज़र की सहमति और डेटा के कम से कम प्रकटन के सिद्धांत पर आधारित है, जिसका उद्देश्य भरोसे को बनाए रखना और परिचालनगत क्षमता को मज़बूत करना है।
उप-विजेता बाल्डोर टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड (IDfy) 'कवच' एक विकेंद्रीकृत डिजिटल पहचान सोल्युशन है, जो यूज़र को डिजीलॉकर और सीकेवाईसीआर जैसे अधिकृत स्रोतों का इस्तेमाल करके केवाईसी पूरा करने में सक्षम बनाता है। एक बार सत्यापित हो जाने पर, यूज़र की पहचान क्रिप्टोग्राफ़िक रूप से सुरक्षित सत्यापित क्रेडेंशियल्स में बदल दी जाती है, जो यूज़र के डिवाइस पर स्टोर होती है और बैंक, एनबीएफ़सी और भुगतान प्लेटफ़ॉर्म पर आसानी से दुबारा इस्तेमाल की जा सकती है; इसमें कोई भी व्यक्तिगत रूप से पहचान योग्य जानकारी ऑन-चेन स्टोर नहीं की जाती है।
II. ऑफलाइन सीबीडीसी (e) विजेता टीम A-SPARSH
(पुणे इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर टेक्नोलॉजी के छात्र)
‘A-SPARSH’ सॉफ्टवेयर-परिभाषित सुरक्षित तत्व ढांचे का उपयोग करता है और ब्लूटूथ लो एनर्जी, नियर फील्ड कम्युनिकेशन और क्विक रिस्पांस प्रोटोकॉल के माध्यम से एटॉमिक, निकटता-आधारित अंतरण को सक्षम बनाता है, साथ ही उपयोगकर्ता की गोपनीयता को भी पूरी तरह से सुरक्षित रखता है। यह सोल्युशन मजबूत सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्नत क्रिप्टोग्राफिक तकनीकों का उपयोग करता है और सुरक्षित, लचीले पीयर-टू-पीयर ऑफलाइन ई लेनदेन प्रदान करता है जो दोहरे खर्च को रोकता है।
  उप-विजेता 2) बैंक ऑफ बड़ौदा
(बड़ौदा अनुसंधान एवं नवाचार केंद्र)
'Bharat Ready Inclusive CBDC' एक एकीकृत, तीन-स्तरीय तकनीकी सोल्युशन है, जिसे भारत में उपकरणों की एक विस्तृत शृंखला, हाई-एंड स्मार्टफ़ोन से लेकर फ़ीचर फ़ोन और उन लोगों तक जिनके पास कोई निजी उपकरण नहीं है, की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह मौजूदा एटीएम और पीओएस बुनियादी ढांचे का भी लाभ उठाता है, ताकि उन उपयोगकर्ताओं के लिए टर्मिनल-सहायता प्राप्त सीबीडीसी अंतरण को सुगम बनाया जा सके जिनके पास निजी उपकरण नहीं हैं।
III. विश्वास संवर्धन* उप-विजेता टीम फ्रॉड लेंस
(व्यक्तियों का समूह)
‘FraudLens’ एक एआई-आधारित धोखाधड़ी का पता लगाने और अनुपालन वाला प्लेटफॉर्म है जो लेनदेन का वास्तविक समय में मूल्यांकन करता है तथा जोखिम की संभावना और जोखिम वर्गीकरण निर्धारित करता है। यह वित्तीय संस्थानों को तुरंत कार्रवाई करने, जैसे कि संदिग्ध लेन-देन को ब्लॉक करना, वास्तविक लेन-देन को मंज़ूरी देना, या अतिरिक्त प्रमाणीकरण लागू करना, में सक्षम बनाता है।
IV. तीनों प्रॉब्लम स्टेटमेंट्स में से, सर्वश्रेष्ठ ‘ऑल-विमेन टीम’ (एक ऐसी टीम जिसमें केवल महिला सदस्य हों)। विजेता बैंक ऑफ़ बड़ौदा
(बड़ौदा अनुसंधान एवं नवाचार केंद्र, टीम निदान)
‘NIDAAN’ एक एआई-आधारित शिकायत निवारण प्लेटफॉर्म है, जिसे दिव्यांग ग्राहकों, वरिष्ठ नागरिकों और कम डिजिटल साक्षरता वाले उपयोगकर्ताओं के लिए डिज़ाइन किया गया है।
यह बहुभाषी वॉयस चैट और भारतीय सांकेतिक भाषा के माध्यम से शिकायतों के निर्बाध पंजीकरण और समाधान को संभव बनाता है, जिससे यह अधिक समावेशी और सुलभ बन जाता है।
* इस समस्या विवरण के अंतर्गत कोई प्रथम पुरस्कार (विजेता) प्रदान नहीं किया गया।

5. इन नवोन्मेषी उत्पाद से उम्मीद है कि ये टोकनाइज़ेशन और सहमति-आधारित तरीकों का इस्तेमाल करके ग्राहक पहचान के ढांचे में नए आयाम जोड़ेंगे; ऑफ़लाइन सीबीडीसी के ज़रिए कम कनेक्टिविटी स्थिति में भी सुरक्षित वित्तीय पहुँच सक्षम बनाएंगे; और लगातार बढ़ रहे डिजिटल धोखाधड़ी को कम करके भरोसे और आघात-सहनीयता को बढ़ाएंगे। इसके अलावा, इन उत्पादों का उद्देश्य समावेशन, दक्षता, सुलभता, पारदर्शिता और उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाना है। इन सोल्यूशन्स में यह क्षमता है कि इन्हें वित्तीय पारितंत्र में व्यापक रूप से अपनाया जा सकता है, बशर्ते इनमें और सुधार किया जाए और ये लागू विनियामक अपेक्षाओं का पालन करें।

(ब्रिज राज)   
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/112